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यदि आपको याद है ये चीजें तो इसका मतलब आपका बचपन भी लाजवाब था

आज की तस्वीरें बहुत ही खास है क्योंकि ये तस्वीरें आपके बचपन की यादें ताजा कर देंगी। हम सभी का बचपन बहुत ही खास था बचपन वह दौर होता है जब हम अपने जीवन का सबसे अच्छा समय जी रहे होते हैं। तब ना कोई चिंता होती है और ना ही भविष्य की टेंशन। हम सभी अपने बचपन को याद करते हैं खासकर तब जब कोई ऐसी चीज हमारी आंखों के सामने आ जाती है जिसका संबंध हमारे बचपन से होता है Desi Kaddu आपके लिए एक खास आर्टिकल लेकर आया है।

हमें पूरा यकीन है आपको यह आर्टिकल बहुत पसंद आएगा। तो चलिए अब यह आर्टिकल शुरू करते हैं।

If you remember this your childhood was awesome

1. जब हम छोटे थे तो माचिस के इन खाली बॉक्स को इकट्ठा करते थे। उस दौर में हमारे पास वीडियो गेम नहीं था तब यही हमारा पसंदीदा खेल हुआ करता था। माचिस के खाली डिब्बियों से हम कई तरह के खेल खेलते थे।

2. उस दौर में ज्यादातर चीजें टिन के डिब्बे में आती थी। सभी कंपनियां उत्पाद की गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान देती थी लेकिन आज हर कंपनी ज्यादा से ज्यादा प्रॉफिट कमाना चाहती है। कॉलगेट, डालडा और ना जाने कितने ही उत्पाद टिन के डिब्बे में आते थे।

3. अखबार के पहले पन्ने पर इस तरह के बड़े-बड़े विज्ञापन छपते थे। पारले जी, निरमा वॉशिंग पाउडर, हीरो हौंडा और राजदूत मोटरबाइक के बड़े-बड़े अखबारों में दिखते थे।

4. आपके घर अब भी ये सिक्के पड़े होंगे लेकिन अब ये किसी काम की नहीं। बचपन में इस एक सिक्के को लेकर हम दुकान से जो चाहे खरीद सकते थे।

5. 90 के दशक में खाने-पीने के लिए ज्यादा चीजें उपलब्ध नहीं थी। तब हमें यही कैंडी सबसे ज्यादा पसंद थी। इसके अलावा हम मिल्कीबार की चॉकलेट और अंकल चिप्स भी बहुत पसंद करते थे।

6. क्या आपको यह स्लेट याद है? इस स्लेट पर हम लिखते कम थे और इसे खाते ज्यादा थे।

7. इसे हम कंचे वाली बोतल कहते थे। और इसकी कीमत सिर्फ ₹3 थी। इसमें काला नमक और नींबू डालकर पीने से मजा ही आ जाता था। शायद ही कोई बच्चा हो जिसने इस बोतल के अंदर मौजूद कंचे को निकालने की कोशिश ना की हो।

8. स्मार्टफोन का दौरा आने से पहले यह वीडियो गेम बहुत पॉपुलर था। यह वीडियो गेम हर किसी के पास मौजूद था हमारी गर्मियों की छुट्टियां इसी वीडियो गेम के सहारे गुजर जाती थी।

9. इस तरह के खिलौने हर बच्चे के पास होते थे। हमारे पास ज्यादा खिलौने नहीं थी लेकिन जो खिलौने मौजूद थे वह बहुत ही साधारण थे।

10. गुरु और चेला वाला यह डिजाइन बहुत जगह देखने को मिलता था। इस डिजाइन की खासियत है कि ये दोनों तरफ से सीधा ही दिखाई देता है एक तरफ से गुरु दिखाई देता है तो दूसरी तरफ से चेला।

11. हमारी पसंदीदा कॉमिक हमारे लिए किसी खजाने से कम नहीं थी। चंपक तो हम सभी पढ़ते थे। कॉमिक पढ़ने की लत ऐसी थी कि जब तक पूरी कॉमिक खत्म नहीं हो जाती थी हम उसे छोड़ते नहीं थे।

दोस्तों यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं और इसे शेयर भी करे।

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