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दुनिया के सबसे रहस्यमई दरवाजे जिन्हें कभी नहीं खोला जाना चाहिए

दुनिया में रहस्यों की कोई कमी नहीं है यदि हम रहस्यमई इमारतों की बात करें तो आपको अपने शहर में भी ऐसी कई इमारतें दिख जाएंगी जिनसे कई प्रकार के रहस्य जुड़े हुए हैं। आज देसी कद्दु आपको चार ऐसे रहस्यमई दरवाजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें खोलने पर हमें किसी दुर्घटना या आपदा का सामना करना पड़ सकता है।

1. गीज़ा का महान स्फिंक्स

स्फिंक्स मिस्र के गीजा में मौजूद एक मूर्ति है जिसका शरीर शेर के जैसा है और सिर इंसान का है। पुरातत्व वैज्ञानिकों का दावा है कि इस मूर्ति का निर्माण 4500 साल पहले किया गया था। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह मूर्ति मिस्र के पिरामिड से भी ज्यादा पुरानी है। इस मूर्ति की मरम्मत कई बार की जा चुकी है। 80 के दशक में जब इसकी मरम्मत की जा रही थी तब पुरातत्व वैज्ञानिकों को इस मूर्ति के सिर के ऊपर एक सुरंग दिखाई दी। जब पुरातत्व वैज्ञानिक इस सुरंग में दाखिल हुए तो उन्हें दो बड़े चेंबर दिखाई दिए।

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ये दोनों चेंबर ग्रेनाइट की चट्टानों से बंद कर दिए गए थे वैज्ञानिकों ने इन चट्टानों को हटाने की बहुत कोशिश की परंतु उस समय टेक्नोलॉजी इतनी विकसित नहीं थी कि वह इन दोनों कमरों को खोल सके। मिस्र की सरकार ने इस सुरंग को बंद करवा दिया पुरातत्व वैज्ञानिकों का दावा है कि इन दोनों चेंबर के अंदर इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद है।

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2. टेराकोटा की सेना
टेराकोटा की सेना चीन की सबसे बड़ी पुरातात्विक खोज मानी जाती है। 307 ईसा पूर्व चीन में Qin Shi Huang नाम के राजा का शासन था। जब Qin Shi Huang की मृत्यु हुई तो उन्हें एक बहुत बड़ी कब्र में दफनाया गया। उनकी कब्र के अंदर 8000 टेराकोटा से बने सैनिक भी रखे गए। उस समय यह माना जाता है कि टेराकोटा की यह सैनिक मरने के बाद उनके राजा की रक्षा करेगी। इस सेना में 1000 टेराकोटा से बने घोड़े भी थे।

Qin Shi Huang के शरीर को कब्र में रखने के बाद कब्र को सील कर दिया गया। अगले 2000 वर्षों तक किसी को भी यह कब्र नहीं मिली। 1974 में एक दिन चीन के कुछ किसान खेत में काम कर रहे थे तभी उन्हें एक सुरंग दिखाई दी। जब वह दोनों किसान सुरंग के अंदर दाखिल हुए तो उन्हें टेराकोटा से बनी हजारों मूर्तियां दिखाई दी।

इसके बाद चीन की सरकार ने यहां खुदाई का काम शुरू किया। कुछ दिनों की खुदाई के बाद लगभग 2000 मूर्तियों को खोद कर निकाल लिया गया। तभी वैज्ञानिकों को पता चला कि कि इस कब्र के आसपास पारा से बनी कई नदियां हैं। यदि इस कब्र की आगे खुदाई की गई तो पारा का असर आस-पास के गांव में भी फैल सकता है जिससे हजारों लोगों की जान जा सकती है। इसलिए कब्र की खुदाई का काम वही रोक दिया गया।

3. ताजमहल का तहखाना
इसमें कोई शक नहीं कि ताजमहल दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत है लेकिन यह दुनिया की सबसे रहस्यमई इमारत भी है। ताजमहल को बनाने में 1000 हाथी और 20,000 मजदूरों का इस्तेमाल हुआ था इसे बनने में लगभग 20 सालों का वक्त लगा था। यह बहस तो बहुत पुरानी है कि ताजमहल प्राचीन काल में एक शिव मंदिर था या यहां कोई मस्जिद थी? कुछ लोगों का मत है कि शाहजहां ने एक शिव मंदिर को तुड़वाकर  ताजमहल बनवाया था। इन लोगों को लगता है कि ताजमहल के तहखाने में उस शिव मंदिर से जुड़े हुए सबूत आज भी मौजूद है।

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आपको बता दें कि ताजमहल के तहखाने में कुल 17 चेंबर मौजूद है। इन सभी चैम्बर को मजबूत दीवार से सील किया गया है और इन्हें कभी नहीं खोला जाता। पुरातत्व वैज्ञानिकों का कहना है कि ताजमहल की नींव मार्बल के पत्थरों से बनी है यदि मार्बल कार्बन डाइऑक्साइड के संपर्क पर आता है तो यह कैलशियम कार्बोनेट में बदल जाएगा और पूरे ताजमहल को नुकसान पहुंचेगा।

4. पद्मनाभस्वामी मंदिर का छठा तहखाना
केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर 2011 में अचानक चर्चा में आ गया। दरअसल इस मंदिर में सात तहखाने मौजूद है। कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर करके मंदिर के खजाने की कीमत को सार्वजनिक करने की मांग रखी। कोर्ट ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए मंदिर के खजाने की गणना करने का आदेश दिया। आज कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई एक टीम मंदिर पहुंची और मंदिर के 5 तहखानों को खोला गया। माना जाता की इन तहखानों को कई सो वर्षों बाद खोला गया था। ये पांचो तहखाने सोने चांदी के आभूषणों से खचाखच भरे थे। एक अनुमान के मुताबिक इन तहखानों में लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर का खजाना मौजूद है। इससे पहले कि और आखरी तक खाना भी खोला जाता मंदिर ट्रस्ट ने कोर्ट में याचिका दायर करके इसे रुकवा दिया।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस छठे तहखाने में सबसे ज्यादा खजाना मौजूद है। मंदिर के छठे तहखाने से जुड़ा हुआ एक अंधविश्वास भी है। कहा जाता है कि इस तहखाने की रक्षा एक सांप करता है। यदि इस तहखाने को खोला गया तो लोगों की जान को खतरा भी हो सकता है।

मंदिर के तहखानों को एक बार फिर से बंद कर दिया गया। कोई नहीं जानता कि इन तहखानों को दोबारा कब खोला जाएगा।

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